तू जिगरी दोस्त, मेरा सबसे बड़ा ग़ुलाबी है।
तेरी मर्ज़ का इलाज महफ़िल है तेरे दोस्तों की
“यारी में वो खुशी है, जो प्यार से भी गहरा है।”
आवेदन, निवेदन और फिर ना माने तो दे दना दन…
वो दोस्त ज़ख्मों की सबसे प्यारी दवा है।
नहीं। गीता के अनुसार मित्रता स्वार्थ और लोभ से मुक्त होनी चाहिए।
तू है मेरा जिगरी यार, तुझसे ही मेरी दुनिया सवेरा है,
वो दोस्त अब हमारी Dosti Shayari यादों में सिमट गया है।
“तेरी यारी से ही जिंदगी सुंदर, तेरे बिना सब कुछ फीका।”
ना लड़कियों में इंटरेस्ट था ना पढ़ाई का जज़्बा था,
“जैसे पुरानी तस्वीरें, वैसी ही दोस्ती।”
वो वक्त नहीं, वो दोस्ती की घड़ी होती है।
गहरी दोस्ती के रिश्ते में झगड़े भी होते हैं,
By means of these verses, poets have introduced the spirit of friendship to life, providing us several different lines that touch the depth of human sentiments.